
कांग्रेस ने केंद्र और प्रदेश सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरा, जवाबदेही की मांग……….
नरसिंहपुर। जिला कांग्रेस कार्यालय मुश्रान भवन में जिला कार्यकारिणी के गठन के बाद आयोजित पहली प्रेस वार्ता में जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुनीता पटेल ने केंद्र और मध्यप्रदेश सरकार से कई अहम मुद्दों पर जवाब मांगा। उन्होंने शिक्षा, किसानों की समस्याओं, कानून-व्यवस्था और कथित भ्रष्टाचार सहित कई विषयों पर सरकार को घेरते हुए विभिन्न मांगें रखीं।
प्रेस वार्ता में कांग्रेस ने नीट परीक्षा में पेपर लीक और अनियमितताओं का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इससे लाखों विद्यार्थियों और अभिभावकों का विश्वास प्रभावित हुआ है। पार्टी ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई तथा परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित बनाने की मांग की।
कांग्रेस ने अयोध्या के राम मंदिर परिसर में हुई चोरी की घटना पर भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इससे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए हैं। पार्टी ने निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए मजबूत सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।
प्रेस वार्ता में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से जुड़े कथित जमीन घोटाले के आरोपों का भी उल्लेख किया गया। कांग्रेस ने कहा कि इस मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए। पार्टी का कहना है कि यदि आरोप निराधार हैं तो सरकार तथ्यों के साथ स्थिति स्पष्ट करे और यदि अनियमितता सामने आती है तो कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।
कृषि प्रधान नरसिंहपुर जिले में समर्थन मूल्य पर मूंग खरीदी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। कांग्रेस ने सरकार से किसानों की 100 प्रतिशत मूंग खरीदी शीघ्र शुरू करने की मांग की। पार्टी ने कहा कि मूंग खरीदी को लेकर चल रहे किसान आंदोलनों को कांग्रेस का पूरा समर्थन है। साथ ही किसानों को उचित समर्थन मूल्य, समय पर खाद-बीज, सिंचाई सुविधा, फसल बीमा और मुआवजा उपलब्ध कराने की भी मांग की गई।
जिला कांग्रेस प्रवक्ता अजय दुबे और आशीष गुप्ता ने जिले में अवैध रेत खनन और भंडारण के मामलों पर सरकार को घेरते हुए कहा कि केवल सांकेतिक कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। उन्होंने बड़े पैमाने पर अवैध भंडारण करने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की मांग की।
प्रेस वार्ता के अंत में कांग्रेस ने कहा कि जनता से जुड़े इन महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार को राजनीतिक बयानबाजी से ऊपर उठकर पारदर्शी और जनहित में निर्णय लेने चाहिए।




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